5+ Emotional Short Stories for Class 6 | Moral
Emotional Short Stories in Hindi with Pictures | Kahaniya
तो दोस्तों आप सब का स्वागत है Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories कैसे है आशा है की अच्छे हे होंगे ।
आज मैं एक नयी और हक्कीकत की Best Short Stories for class 6 with Moral | Hindi
आपको बताना चाहती हूं।
यह कहानी अगर हमारे देश के youngsters भी पढ़े तो मुझे और भी अच्छा लगेगा क्योंकि यह कहानी एक छोटे से लड़के के बारे मैं है ।
जिसने छोटी से उम्र मैं अपने आप को समज लिया और कर दिख काया जब लोग इतनी सी age में खाने, पिने और खेलने खुदने क बारे मैं सोचते है।
जैसा की आप सब जानते है की जब हम छोटे रहते है तब अपनी माँ की ममता और सनेह के आधीन होते है।
लेकिन इस आठ साल की उम्र मैं एक छोटे से बचे का जस्बा गजब का है।
तो आईये देखते है क्या करदिया इस छोटे से बचे ने जो हम और आप सोचते हे रह जाते है।
1.जुनून (Passion Best Emotional Story in Hindi)
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| Emotional Short Stories in Hindi |
चित्र स्तोत्र: Google
आठ साल की उम्र में, उस छोटे से बच्चे को लगा कि बड़े college का Diploma ले लेना अच्छा रहेगा |
बारा साल का जब वह था, वह अपने परिवार के साथ समुद्र किनारे बैठा मछली पकड़ने की तैयारी कर रहा था - वो रस्सियों का एक जाल बिछा रहा था ।
जिससे बहुत सारी मछलियों हुक में फेंस जाएँ शाम तक, उसकी मछली पकड़ने की रस्सी में पूरे परिवार से ज्यादा मछलियाँ थीं ।
सत्रह का जब वह था, उसे अखबार के SUBSCRIPTION बेचने की की नौकरी मिली |
उसे लगा newly married जोड़े इस काम के लिए सबसे perfect रहेंगे ।
उसने अपने दोस्तों को इस काम पर रखा कि वे उसे उन घर वालो के नाम और पते लाकर है जिन्हें हाल ही मैं शादीशुदा होने का licence मिला हो |
उसने उन सब को दो हफ्तों का SUBSCRIPTION FREE में देते हए पत्र लिखे |
उसने इससे $ 18000 कमाए और एक महंगी B.M.W CAR खरीदी।
उन्नीस साल की उम्र में, उसने COMPUTER खरीदना शुरू किया और उन्हें बेहतर बनाने लगा ।
उसने ग्राहकों की जरूरतानुसार COMPUTER बनाये और अपने कमरे को ही Factory बना कर वहाँ से उन बेचने लगा ।
वह COLLEGE में था मगर पढाई में उसका मन नहीं । लगता था | उसे कंप्यूटर बेचने का जुनून था |
' आखिर तुम करना क्या चाहते हो ? उसके पिताजी ने पूछा'
आई. बी. पम्से मुकाबला उसने सीधा सा जवाब दे दिया ।
उसके जुनून का नतीजा निकला मई 3, 1984 को डेल कंप्यूटर कारपोरेशन के रूप में वह मात्र उन्नीस साल का था ।
यह आदमी था माइकल डेल , एक जुनूनी रचनात्मक ध्यापारा होने की अनोखी मिसाल।
ओर जानिए: Michael Dell के बारे में Wikipedia par>>
सीख (Moral):
खुद पर विश्वास और अटल मेहनत करना सीखे।
2. हर दिन ऐसे जियो जैसे आपका आखिरी दिन हो! (Live everyday as it is your last day)
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हर दिन, एक अजनबी की तरह बनो, उनकी मृत्यु पर, Aldous Huxley ने अपने पूरे जीवन की सीख को प्रतिबिंबित किया ।
और फिर इसे सात सरल शब्दों में अभिव्यक्त किया: "आइए हम एक दूसरे के प्रति दयालु बनें।"
सभी अक्सर, हम मानते हैं कि।
सभी अक्सर, हम मानते हैं कि।
वास्तव में पूरा होने वाला जीवन जीने के लिए हमें कुछ महान कार्य या भव्य उपलब्धि हासिल करनी चाहिए जो हमें पत्रिकाओं और समाचार पत्रों के सामने रखेगी।
सच्चाई से आगे कुछ भी नहीं हो सकता है।
सच्चाई से आगे कुछ भी नहीं हो सकता है।
एक सार्थक जीवन शालीनता और दयालुता के दैनिक कृत्यों की एक श्रृंखला से बना है ।
जो विडंबना यह है कि जीवनकाल के दौरान कुछ हद तक वास्तव में महान है।
हर कोई जो आपके जीवन में प्रवेश करता है, उसे पढ़ाने के लिए एक सबक है और कहानी कहने के लिए।
आपके द्वारा बनाए जाने वाले सुबह के दौरान गुजरने वाला हर इंसान आपकी इंसानियत को DEFINE करने वाली करुणा और MANNERS को थोड़ा और दिखाने का CHANCE देता है।
क्यों नहीं आप अपने दिनों के दौरान उस इंसान के बारे में अधिक जानना शुरू कर देते हैं जो वास्तव में आप कर रहे हैं और कर रहे हैं। मेरे मन में।
अगर तुम अपने दिन के दौरान एक व्यक्ति को भी मुस्कुराएं या एक भी अजनबी के मूड को रोशन करें।
अगर तुम अपने दिन के दौरान एक व्यक्ति को भी मुस्कुराएं या एक भी अजनबी के मूड को रोशन करें।
आपका दिन एक MEANINGFUL रहा है, दयालुता, काफी EASY, वह किराया है जो हमें इस ग्रह पर रहने वाले स्थान के लिए भुगतान करना चाहिए।
जिस तरह से आप अजनबियों को दिखाते हैं, उसमें अधिक रचनात्मक बनें।
जिस तरह से आप अजनबियों को दिखाते हैं, उसमें अधिक रचनात्मक बनें।
आपके पीछे कार में इंसान के लिए टोल का भुगतान करना, जरूरत पड़ने पर किसी को मेट्रो में अपनी सीट की पेशकश करना और सबसे पहले नमस्ते कहना महान स्थान हैं।
हाल ही में, मुझे मेरा एक दोस्त मिला जिसने मुझे मेरे काम क लिए प्रोत्साहित किया।
मैंने उससे ये शिक्षा ली की मै लोगो को उनके काम क लिए inspire करू। और मैंने उसे मुझे ये KNOWLEDGE
मैंने उससे ये शिक्षा ली की मै लोगो को उनके काम क लिए inspire करू। और मैंने उसे मुझे ये KNOWLEDGE
देने के लिए THANKYOU कहा।
सीख (Moral):
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
बीस साल तक बिना बच्चे के रहने के बाद उस जोड़े की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि उनके घर बच्चा आने वाला है।
सीख (Moral):
आज जी लो कल क्या हो कौन जनता है।
3. एक विकलांग बच्चा (A handicapped child Mother's LOVE)
बीस साल तक बिना बच्चे के रहने के बाद उस जोड़े की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि उनके घर बच्चा आने वाला है।
मगर जिस दिन बच्चा पैदा हुआ तो डॉक्टर का दिल यह देख कर दुःखी होगया क्योकि, बच्चे के बाएं हाथ की जगह केवल एक टुकड़ा है।
उसने मन कठोर कर के पिता को यह बताया और माँ को यह बात वह कहे ऐसा प्रस्ताव रखा| नहीं, पिता ने दृढ़ता से कहा, "उसे मैं खुद बनाऊंगा"
मिलकर उन्होंने बच्चे को माँ के पास रखा| वह बच्चे की नर्म त्वचा और और उसके बालों में ऊँगली फेरने लगी और कहा,
"यह कितनी सम्पूर्ण है न?"
मगर उसके पति की नज़रों से उससे कुछ कहा| उसने कम्बल आहिस्ता से हटाया और बच्चे का विकलांग हाथ देखा|
मिलकर उन्होंने बच्चे को माँ के पास रखा| वह बच्चे की नर्म त्वचा और और उसके बालों में ऊँगली फेरने लगी और कहा,
"यह कितनी सम्पूर्ण है न?"
मगर उसके पति की नज़रों से उससे कुछ कहा| उसने कम्बल आहिस्ता से हटाया और बच्चे का विकलांग हाथ देखा|
कमरे में खामोशी थी| फिर उसने पलट कर धीरे से अपने पति से कहा,
"जॉन, भगवान जरूर जानते थे इस बच्चे को कहाँ भेजना था। है ना?
"जॉन, भगवान जरूर जानते थे इस बच्चे को कहाँ भेजना था। है ना?
वो समझ गए थे कि हमें इसकी कितनी जरूरत है और इसे हमारी।
सीख (Moral):
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
दादी ने नर्क चतुर्दशी के दिन आटे के दीप बनाकर मुख्य द्वार से लेकर हर कमरे की देहरी जगमगा दी थी ।
सीख (Moral):
जो भी होता है अच्छे के लिए हे होता है ना जाने भविष्य अपने गर्ब मैं क्या छुपाये बैठा है।
4. उषा की दीपावली (Very Emotional short Story Usha's Diwali)
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चित्र स्तोत्र: Shutterstock
दादी ने नर्क चतुर्दशी के दिन आटे के दीप बनाकर मुख्य द्वार से लेकर हर कमरे की देहरी जगमगा दी थी ।
घर खुशबू से तरबतर था ।
गुझिया, पपड़ी, चकली आदि सब कुछ था । मगर दस वर्षीय उषा को तो CHOCOLATE और बंगाली मिठाइयाँ ही पसंद थीं । दादी कहती है कि
" तेरे लिए तेरी पसंद की मिठाई ही आएगी । यह सब तो पड़ोसियों , नाते - रिश्तेदारों , घर आए मेहमानों के लिए हैं । "
आटे के दीपक COMPOUND की मुंडेर पर जलकर सुबह तक बुझ गए थे ।
" तेरे लिए तेरी पसंद की मिठाई ही आएगी । यह सब तो पड़ोसियों , नाते - रिश्तेदारों , घर आए मेहमानों के लिए हैं । "
आटे के दीपक COMPOUND की मुंडेर पर जलकर सुबह तक बुझ गए थे ।
उषा JOGGING के लिए FLAT से नीचे उतरी तो उसने देखा पूरा COMPOUND पटाखों के कचरे से भरा हुआ था ।
उसने देखा, सफाई करने वाला बबन उन दीपों को डिब्बे के हवाले प्लेटों मैं रख रहे थे ।
पहले तो उसकी आंखों विस्मय से भर उठी फिर उसकी आँखों में सैलाब उमड़ आये कचरे के डिब्बे में न डाल अपनी जेब में रख रहा था। वह दौड़ती हुई घर गई ।
जल्दी - जल्दी COMPOUND में बबन झाडू लगाते हुए हर रोज की तरह आए ।
उषा पकवानों से थैली भरी और दौड़ती हुई एक साँस में सीढ़ियाँ से उत्तरी।
" तुमने दीपक जेब में क्यों रख लिए ? " उषा ने बबन से पूछा।
बबन ने खीसे निपोरे, ''वो क्या है ना बेटा अन्न देवता है ना भोजन फेखने से पाप लगता है इन्हें मैं घर लेकर जाता हु वह इन्हें मैं खा लूंगा ताकि किसी को पाप ना लगे ''
उषा की हथेलियों मैं पकवान की थैली ।
उसने कहा, " घर जाकर अच्छे से सेंककर खा लेंगे उषा की आँखों में हजारों दीपक जल उठे। "और पकवानों की थैली देख बबन की आँखे भी भर आयी ।
सीख (Moral):
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सीख (Moral):
जितना आप से हो सके उतनी तो मदद ज़रूर करे।
Conclusion:
तो यह Top 4 Emotional Short Stories in Hindi | Best Kahaniya आपको हमारी website Bhadiya Kahaniya | Hindi Short Stories की किसी लगी आशा करती हूं आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।
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wow bro thanks for story it helped me to complete my homework really very helpful.thankyou so much
ReplyDeleteWahh bhai kitni mast stories thi ek maine apni book mai chaap diya!
ReplyDeleteAmazing bro what a story
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