TOP 3 Good Hindi Stories with Moral | Anmol Seekh!
Good Hindi Short Stories with Moral |Akhand Motivation
जय हिन्द भाईओ और बहनो। आज मैं फिर से एक नई कहानी के साथ आयी हूँ यह कहानी लिखने क लिए मुझे बहुत जायदा समय तो नहीं लग गया पर हा मेहनत तो लगी आप अपने विचार कॉमेंट सेक्शन मैं लिखना ना भूले।
आज आप के लिए मैंने TOP 3 Good Hindi Stories with Moral लाई हूं।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
आज आप के लिए मैंने TOP 3 Good Hindi Stories with Moral लाई हूं।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
1. जुड़ते पुल (Meeting Bridge)
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| Good Hindi Stories with Moral |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
बात एक ज़रा सी गलतफहमी से शुरू हुई और इतनी बड़ी हो गई कि दोनों ने एक दुसरे को बहुत भला - बुरा कहा और हफ्तों तक बात नहीं की ।
एक दिन जॉन के दरवाजे पर एक दस्तक हई । उसने दरवाजा खोला तो सामने बढई का सामान लिए एक आदमी खड़ा था । उसने कहा,
'मैं कुछ दिनों के लिए काम ढूंढ रहा हूँ । ' शायद आपके पास मेरे करने लायक कोई छोटा - मोटा काम ह । क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ ?
हाँ , बड़े भाई ने कहा ' काम तो है तुम्हारे लिए नाले के पार वो खेत देखो वो मेरा पड़ोसी नहीं है, बल्कि, मेरा छोटा भाई हैं पिछले हफ्ते तक हम दोनों के बीच में एक चरगह था पर इसने अपना बुलडोज़र लेकर नदी से यहाँ तक हम दोनों के बीच में ये नाला बना दिया | उसने ये मुझे चिढ़ाने के लिए किया होगा, मगर अब मैं इसे बताऊंगा |
वहाँ कोठर में पड़ी लकड़ी देख रहे हो ?
मैं चाहता हूँ तुम मुझे एक बाइ - 8 इंच ऊंची बाड़ बना के दे दो - ताकि मुझे उसकी जगह देखनी ही नहीं पड़े ।
कुछ भी , जिससे वो शांत हो जाए । बढ़ई ने कहा , " लगता है मैं माजरा समझ रहा हूँ । मुझे कीले और जगह बताएं जहाँ बाइ लगानी है और मैं आपकी पसंद का काम कर के दे दूंगा बड़े भाई को कुछ सामान लाने के लिए बाज़ार जाना था तो उसने बढई को उसकी ज़रूरत का सामान दिया और दिन भर के लिए निकल गया ।
बढई ने दिनभर मेहनत से नाप कर, लकड़ी चीर कर, कीलें लगा कर काम किया । शाम ढले जब किसान वापस लौटा, तब बढ़ई ने बस अपना काम खत्म किया ही था । उसकी आँखें खुली की खुली रह गई । और उसका मुंह खुला का खुला । वहाँ कोई बाड़ नहीं थी |
वहाँ एक पुल था . . . नाले के इस पार से उस पार तक ! काम बहुत सुन्दर था, हैंडल वगेरह के साथ - और उसका पड़ोसी, उसका छोटा भाई, उस पार से बाहें फैलाये उसके । पास आ रहा था ।
' तुम भी कमाल के हो | इतना सब मेरे कहने सुनाने के बाद भी तुमने ये पुल बनवा दिया '
दोनों भाई पुल के दोनों किनारों से चल के पुल के बीच में मिले । और एक दूसरे के हाथ थाम लिए पलट के देखा तो बढ़ई अपने कन्धों पर अपना सामान ले कर निकल रहा था । '
नहीं, रुको ! कुछ दिन और रुक जाओ तुम्हारे लिए मेरे पास और काम है, बड़े भाई ने कहा में खुशी से रुकना चाहता,
बढई ने कहा ,
" मगर अभी मुझे आर कई पुल बनाने हैं ।
2. गाजर, अंडे और कॉफ़ी (Carrot, Egg and Coffee)
चित्र स्तोत्र: निशी तिवारी, Sabse Bhadiya Kahaniya
एक गाजर, एक अंडा और एक कप कॉफ़ी ऐसा क्या सिखा सकते हैं एक लड़की को जो परेशानियों और टूटे दिल से जूझती हुई अब थक चुकी है ? पढ़ें और देखें इस लड़की को अपनी माँ से क्या सीख मिली |
एक गाजर, एक अंडा और एक कप कॉफ़ी ऐसा क्या सिखा सकते हैं एक लड़की को जो परेशानियों और टूटे दिल से जूझती हुई अब थक चुकी है ? पढ़ें और देखें इस लड़की को अपनी माँ से क्या सीख मिली |
एक लड़की अपनी माँ के पास गई और उन्हें बताया कि कैसे ज़िन्दगी उसके लिए मुश्किलों से भरी हुई है । वह नहीं जानती थी कि वह इससे पार कैसे निकलेंगी और वह हार मान लेना चाहती थी |
वो लड़कर और जूझकर अब थक चुकी थी | लगता था मानो एक मुश्किल खत्म होती है तो दूसरी आ जाती है ।
वो लड़कर और जूझकर अब थक चुकी थी | लगता था मानो एक मुश्किल खत्म होती है तो दूसरी आ जाती है ।
उसकी माँ उसे बिना कुछ कहे रसोईघर में ले गई । लगभग बीस मिनट बाद उन्होंने सारे चूल्हे बंद कर दिए । उन्होंने गाजर निकली और उन्हें एक बर्तन में रख दिया ।
अंडे निकाले और उन्हें भी एक बर्तन में रख दिया । फिर कॉफ़ी निकाली और एक चम्मचभर निकाल कर एक बर्तन में रख दी ।
अंडे निकाले और उन्हें भी एक बर्तन में रख दिया । फिर कॉफ़ी निकाली और एक चम्मचभर निकाल कर एक बर्तन में रख दी ।
बेटी को देखते हुए, उन्होंने कहा,
“ बताओ तुम्हे क्या दिखता है ?
लड़की ने कहा,
" गाजर, अंडे और कॉफी
माँ ने उसे पास बुलाया और गाजर को छू कर देखने को कहा लड़की ने देखा, गाजर नर्म थी | माँ ने तब उसे कहा कि अंडा ले और उसे तोड़ दे । लड़की ने छिल्का निकाला तो देखा अंडा उबला हुआ था । आखिरकार, माँ ने बेटी से कॉफी का एक चूंट पीने को कहा ।
उसने पिया तो कॉफ़ी की खुशबु से उसके चेहरे पर मुस्कान खिल गई । उसने पूछा,
' इस सबका का मतलब है, माँ ? माँ ने तब बताया कि,
इन तीनों चीजों ने भी उसके जैसी है तकलीफ झेली : उबलता पानी । पर हर किसी ने अलग - अलग बर्ताव किया |
गाजर कड़क, मज़बूत और बिना झुके गई मगर गरम पानी से होकर नर्म और कमजोर बन कर निकला । अंडा कमज़ोर था |
उसके पतले बाहरी छिलके ने उसके अन्दर के द्रव्य को बचा रखा था, मगर जब गर्म पानी में रहा तो अन्दर से सख्त बन कर निकला ।
मगर सबसे अनोखे ये पिसे हुए कॉफी के दाने ये जब उबलते पानी में पड़े इन्होने पानी को ही बदल दिया तुम क्या हो ?
उसने अपनी बेटी से पूछा।
जब परेशानियाँ तुम्हारा दरवाज़ा खटखटाती हैं , तब आप कैसे बर्ताव करते हैं ?
आप गाजर हैं, अंडा या कॉफ़ी ?
सोचिये : आप क्या हैं ? क्या मैं एक गाजर हूँ जो दिखती तो मज़बूत है मगर दुःख और । परेशानियों में कमजोर बन कर अपनी ताकत खो देती हूँ ? |
क्या मैं अंडा हूँ जो शुरू एक नाजुक दिल से हुआ, मगर गर्मी से बदलता गया |
क्या मेरी आत्मा तरल है जो एक मौत, एक बार दिल टूटने से, एक बार की पैसों की तंगी से, या ऐसी ही कोई और परेशानी से वो ताकतवर और कड़क बन कर निकलती है ?
क्या मेरा बाहरी कवच वैसा ही दिखता है, मगर अन्दर से मैं कड़वी और कठोर आत्मा वाला और सख्त दिलवाला है ? या कहीं आप कॉफ़ी के बीजों जैसे है ? ये बीज गर्म पानी को ही बदल देते हैं, उस परिस्तिथि को जो उसे कष्ट दे रही है ।
जब पानी गर्म होता है, तो वो अच्छी खुशबु और रंगत देने लगता अगर आप कॉफ़ी के बीजों जैसे हैं, तो जब चीजें सबसे खराब होती हैं तब बेहतर बन जाते हैं और उस परिस्तिथि को ही बदल लेते हैं ।
क्या मेरा बाहरी कवच वैसा ही दिखता है, मगर अन्दर से मैं कड़वी और कठोर आत्मा वाला और सख्त दिलवाला है ? या कहीं आप कॉफ़ी के बीजों जैसे है ? ये बीज गर्म पानी को ही बदल देते हैं, उस परिस्तिथि को जो उसे कष्ट दे रही है ।
जब पानी गर्म होता है, तो वो अच्छी खुशबु और रंगत देने लगता अगर आप कॉफ़ी के बीजों जैसे हैं, तो जब चीजें सबसे खराब होती हैं तब बेहतर बन जाते हैं और उस परिस्तिथि को ही बदल लेते हैं ।
जब मुश्किल की घड़ी अपने अधिकतम पर हो और परेशानियां अपने चरम पर तब क्या आप खुद को एक गलत रास्ते पर ले जाते हैं ?
आप मुश्किल को कैसे संभालते हैं ? क्या हैं आप - गाजर , अंडा या कॉफ़ी के बीज ?
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
1923 से दुनिया के नौ सबसे कामयाब वित्तदाता शिकागो के एक बड़े होटल में अर्थव्यवस्था के बारे में चर्चा करने के लिए मिले ये नौ दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर लोग थे ।
मीटिंग के लिए टेबल पर मौजूद लोगों में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के सभाध्यक्ष... दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी के अध्यक्ष... दुनिया की सबसे बड़ी गैस कंपनी के अध्यक्ष...और दुनिया के सबसे बड़े एकाधिकार के अध्यक्ष थे|
25 साल आगे, साल 1948| आपको क्या लगता है उन नौ लोगों का क्या हुआ जिनके पास कुछ सालों पहले तक इतनी शक्ति और दौलत थी....मगर ज़िन्दगी में हिसाब नहीं था?
उनकी किस्मतों का लेखा छोटे में कहूँ तो ये है:
ना में से तीन आदमियों ने आत्महत्या कर ली| नौ में से तीन कंगाल हो कर मर गए| नौ में से दो को जेल हो गई। और नौ में से एक को कानून ने पागल घोषित कर दिया।
कर्मा मे, के नौ नाखुश...पागल...शख्शियत या पागल हो इन नौ में से हर एक ने पैसा बनाना सीखा। मगर किसी ने संतुलन बनाने की महत्वता पर ध्यान नहीं दिया।
संतुलन, मेरे दोस्त, सबसे जरूरी है!
निष्कर्ष (Conclusion):
तो कैसी लगी आप लोगो यह TOP 3 Good Hindi Stories with Moral छोटी प्रेणादायक कहानी। तो जैसा की आप देख सकते है की कुछ छोटी से चीज़े मिलकर आपके माहोल को कैसे बदल सकती है और हम लोगो को एक सीख भी दे जाते है।
कुछ असा हे हमारा जीवन भी होता है हमे बहुत कुछ सीखा देती है हमारी जिंदगी। चालिये दोस्तों अब अगली कहानी की तैयारी करनी है।
तो यह थी ये तीन कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कहानी पढ़ने क लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद।



wow bro thanks for story it helped me to complete my homework really very helpful.thankyou so much
ReplyDeleteWow bro kitni mast story hai keep it up
ReplyDeleteWahh bhai kitni mast stories thi ek maine apni book mai chaap diya!
ReplyDeleteAmazing bro what a story
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