Top 3 Hindi Moral Stories with Pictures for Class 7
Hindi Moral Stories with Pictures for Class 7 | Hindi Kahaniya
Hindi Moral Stories with Pictures for Class 7 | तो दोस्तों कैसे है आप लोग Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories मैं आप सबका स्वागत हैं उम्मीद है अपना ख्याल रख रहे होंगे आज मै आपके के लिए फिर से एक बहुत अच्छी कहानी लायी हूँ।
अगर आपको आदतों क बारे मैं कुछ नहीं पता है तो सुनिए अच्छी आदते बनाई जाती है और बुरी आदतें लग जाती है।
तो बिना समय ख़राब किये चलिए मैं आपको इस कहानी के बारे मैं बताती हूँ ।
1. उन्हें याद रखें जिन्होंने आपका साथ दिया है (Remember them you had helped you) Moral Story
![]() |
| Hindi Moral Stories with Pictures |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
सच्ची घटना पर आधारित
सच्ची घटना पर आधारित
एक दस साल का लड़का एक होटल की कॉफी शॉप में गया और एक टेबल पर जा कर बैठ गया|
एक महिला वेटर ने उसके आगे पानी का एक गिलास ला कर रख दिया| "एक आइसक्रीम कप कितने की है?" उसने पूछा| "507$ की, महिला ने जवाब दिया|
बच्चे ने अपनी जेब से अपना हाथ निकाला और अपने पैसे गिनने लगा|
"अच्छा, एक सादी आइसक्रीम कितने की आएगी?" उसने पूछा|
बच्चे ने अपनी जेब से अपना हाथ निकाला और अपने पैसे गिनने लगा|
"अच्छा, एक सादी आइसक्रीम कितने की आएगी?" उसने पूछा|
अब तक और लोग भी होटल में आ चुके थे और खाली टेबल का इंतज़ार कर रहे थे और महिला वेटर भी अब अपना संयम खो रही थी| "35$ की," उसने रुखाई से कहा|
बच्चे ने फिर से अपने सिक्के गिने और कहा, "मैं एक सादी आइसक्रीम लूँगा|"
बच्चे ने फिर से अपने सिक्के गिने और कहा, "मैं एक सादी आइसक्रीम लूँगा|"
महिला ने आइसक्रीम लाकर रखी और साथ ही बिल रख कर वहाँ से चली गई|
लड़के ने आइसक्रीम लिया, पैसे दिए और चला गया|
जब महिला टेबल पोंछने वापस आई तो उसकी आँखों से आसू बह चले| वहाँ, खाली प्लेट के पास 15$ रखे थे|
जब महिला टेबल पोंछने वापस आई तो उसकी आँखों से आसू बह चले| वहाँ, खाली प्लेट के पास 15$ रखे थे|
वो लड़का आइसक्रीम कप खा सकता था, मगर उसने केवल इसलिए नहीं खाया ताकि वह महिला के लिए टिप छोड़ सके|
एक दिन वो महिला मानसिक रोगी बच्चे जब की Mentally retarded बच्चों की संस्था में अपनी किसी करीबी के साथ गई, तो उसे एहसास हुआ कि वहाँ पर आए ज्यादातर लोग या तो मानसिक रोगी बच्चों के माता-पिता थे।
एक दिन वो महिला मानसिक रोगी बच्चे जब की Mentally retarded बच्चों की संस्था में अपनी किसी करीबी के साथ गई, तो उसे एहसास हुआ कि वहाँ पर आए ज्यादातर लोग या तो मानसिक रोगी बच्चों के माता-पिता थे।
या उनके शिक्षक और वो बच्चों के साथ होते बर्ताव को लेकर बेहद संवेदनशील थे, इसलिए एक सज्जन ने सबसे कहा:
"देवियों और सज्जनों, मिशिगन में हम हमारे विद्यालयों में मानसिक रोगी बच्चों को साधारण बच्चों के साथ एक ही कक्षा में मिलकर पढाना शुरू कर रहे हैं, और हाल ही में हमने यह तरीका छटी कक्षा में लागू किया आधी छुट्टी का समय था और एक बच्चे ने दूसरे से कहा, "आओ, जेनी, चलें/ एलिज़ाबेथ की चिंता मत करो, वो तो पागल है।"
जब वो चले गए, तब एलिज़ाबेथ जो मानसिक रोगी थी मगर बहरी नहीं, धीरे से उठ कर अपनी कक्षा तक गई और टीचर से पूछा, "मिस ब्राउनिंग, क्या मैं पागल हूँ?"
मिस ब्राउनिंग ने उसकी बात सुन कर एक मीठी मुस्कान दी और एलिज़ाबेथ का हाथ पकड़ कर कहा, "हाँ, एलिज़ाबेथ, तुम पागल हो एक पल ठहर कर उन्होंने कहा, "और एलिज़ाबेथ, मैं भी पागल है, हर कोई पागल है क्योंकि भगवान ने किसी को भी बिलकुल ठीक नहीं बनाया है।
"देवियों और सज्जनों, मिशिगन में हम हमारे विद्यालयों में मानसिक रोगी बच्चों को साधारण बच्चों के साथ एक ही कक्षा में मिलकर पढाना शुरू कर रहे हैं, और हाल ही में हमने यह तरीका छटी कक्षा में लागू किया आधी छुट्टी का समय था और एक बच्चे ने दूसरे से कहा, "आओ, जेनी, चलें/ एलिज़ाबेथ की चिंता मत करो, वो तो पागल है।"
जब वो चले गए, तब एलिज़ाबेथ जो मानसिक रोगी थी मगर बहरी नहीं, धीरे से उठ कर अपनी कक्षा तक गई और टीचर से पूछा, "मिस ब्राउनिंग, क्या मैं पागल हूँ?"
मिस ब्राउनिंग ने उसकी बात सुन कर एक मीठी मुस्कान दी और एलिज़ाबेथ का हाथ पकड़ कर कहा, "हाँ, एलिज़ाबेथ, तुम पागल हो एक पल ठहर कर उन्होंने कहा, "और एलिज़ाबेथ, मैं भी पागल है, हर कोई पागल है क्योंकि भगवान ने किसी को भी बिलकुल ठीक नहीं बनाया है।
मगर एलिज़ाबेथ, कोई भी उनसे ज्यादा पागल नहीं है जो ये बात समझ सकते हैं पर समझना नहीं चाहते।''
एक ऊंटनी और उसका बच्चा लेटे हुए थे की अचानक बच्चे ने पूछा, “माँ, एक सवाल करू?" माँ ने कहा, "ज़रूर! क्या हुआ बेटा? क्या कोई बात तुम्हे लग रही है?" बच्चे ने कहा,
2. ऊँट का बच्चा और उसकी माँ (Camel and his mother) Moral
![]() |
| Hindi Moral Stories with Pictures |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
"ऊँटों के कूबड़ क्यों होता है?"
माँ ने कहा,
"बेटा, हम रेगिस्तान के जानवर हैं, हमे कूबड़ मैं पानी इकट्ठा करने के लिए चाहिए होता है और हमे पानी के बिना रह पाने के लिए जाना जाता है।"
बच्चे ने कहा, "अच्छा, फिर क्यों हमारे पैर इतने लम्बे और पंजे गोल हैं?" माँ ने कहा,
बच्चे ने कहा, "अच्छा, फिर क्यों हमारे पैर इतने लम्बे और पंजे गोल हैं?" माँ ने कहा,
"ताकि बेटा, हम रेगिस्तान में चल सकें।"जानते हो ऐसे पैरों के साथ हम और किसी के मुकाबले रेगिस्तान में जल्दी-जल्दी चल सकते हैं!" बच्चे ने कहा,
" तो हमारी पलकें क्यों इतनी लम्बी होती हैं? कभी-कभी इनसे मुझे देखने में तकलीफ होती है।"
माँ ने गर्व से कहा, " बेटा, ये लम्बी पलकें हमारी आँखों की सुरक्षा के लिए हैं ताकि रेगिस्तान की आंधी से बचाता है और धूल हमारी आँखों में ना पड़ती रहे।" बच्चे ने सोच कर कहा,
"अच्छा| तो कूबड़ रेगिस्तान में पानी रखने के लिए है, पैर रेगिस्तान में चलने के लिए हैं और ये पलकें रेगिस्तान में मेरी आँखें बचाने के लिए हैं तो फिर भगवान के नाम पर हम यहाँ इस चिड़ियाघर में क्या कर रहे हैं?!?"
एक आदमी और उसका कुत्ता सड़क पर टहल रहे थे|
माँ ने गर्व से कहा, " बेटा, ये लम्बी पलकें हमारी आँखों की सुरक्षा के लिए हैं ताकि रेगिस्तान की आंधी से बचाता है और धूल हमारी आँखों में ना पड़ती रहे।" बच्चे ने सोच कर कहा,
"अच्छा| तो कूबड़ रेगिस्तान में पानी रखने के लिए है, पैर रेगिस्तान में चलने के लिए हैं और ये पलकें रेगिस्तान में मेरी आँखें बचाने के लिए हैं तो फिर भगवान के नाम पर हम यहाँ इस चिड़ियाघर में क्या कर रहे हैं?!?"
सबक (Moral of the Story):
कौशल, ज्ञान, गुण और तजुर्बा तभी काम आता है जब हम सही जगह पर हूं|
3. जीवन के बाद नर्क या स्वर्ग (Hell or Heaven)
![]() |
| Hindi Moral Stories with Pictures |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक आदमी और उसका कुत्ता सड़क पर टहल रहे थे|
आदमी नज़ारे का आनंद ले रहा था जब अचानक उसे एहसास हुआ कि वह तो मर चुका है। उसे याद आया कि उसकी तो मौत हो चुकी है और उसका कुत्ता जो उसके साथ था वह भी कई सालों पहले मर चुका है।
वह सोच में पड़ गया कि फिर आखिर यह सड़क उसे कहाँ ले जा रही है।
चलते-चलते वे सड़क के किनारे एक ऊँची, सफेद पत्थर की दीवार के पास पहुँच गए| वो बेहतरीन संगमरमर की दीवार नजर आ रही थी|
चलते-चलते वे सड़क के किनारे एक ऊँची, सफेद पत्थर की दीवार के पास पहुँच गए| वो बेहतरीन संगमरमर की दीवार नजर आ रही थी|
एक ऊँची चोटी से जा कर वह एक गुम्बद तक जा हे रहा था जो सूरज के उजाले में दमक रहा था|
जब वह उसके सामने जा कर खड़ा हुआ, तो उसने देखा कि वहाँ का खूबसूरत बड़ा दरवाज़ा ऐसा लगता था मानो सीपियाँ का बना हुआ हो ।
जब वह उसके सामने जा कर खड़ा हुआ, तो उसने देखा कि वहाँ का खूबसूरत बड़ा दरवाज़ा ऐसा लगता था मानो सीपियाँ का बना हुआ हो ।
और वहाँ तक जाने वाली सड़क सोने की आदमी और उसका कुत्ता आगे बढ़े तो देखा दरवाज़े के एक-एक आदमी टेबल कुर्सी लगाये बैठा है।
जब वे पास पहुंचे तो उसने पुकारा, "माफ़ कीजियेगा, ये कोनसी जगह है?"
आदमी ने जवाब दिया, "ये स्वर्ग है, सर"
"वाह! क्या आपके पास पानी मिलेगा?" आदमी ने पूछा
"बिलकुल, सर, अन्दर आइये| मैं अभी ठन्डे पानी का इंतजाम करता हूँ"
दरवाज़े वाले आदमी ने इशारा किया और दरवाज़ा खुल गया|
आदमी ने अपने कुत्ते की और इशारा कर के पूछा, "क्या मेरा दोस्त भी अन्दर आ सकता है?"
"माफ़ कीजियेगा, सर, मगर जानवरों को यहाँ अनुमति नहीं है।"
आदमी पलटा और जिस रास्ते आया था, अपने कुत्ते के साथ उसी रास्ते चल पड़ा।
काफी दूर चलने के बाद वो एक और ऊँची पहाड़ी के पास पहुंचे वहाँ से एक कच्ची सड़क एक फार्म के बड़े दरवाज़े तक जा रही थी जो ऐसा जान पड़ता था मानो कभी बंद ही ना हुआ हो|
आदमी ने जवाब दिया, "ये स्वर्ग है, सर"
"वाह! क्या आपके पास पानी मिलेगा?" आदमी ने पूछा
"बिलकुल, सर, अन्दर आइये| मैं अभी ठन्डे पानी का इंतजाम करता हूँ"
दरवाज़े वाले आदमी ने इशारा किया और दरवाज़ा खुल गया|
आदमी ने अपने कुत्ते की और इशारा कर के पूछा, "क्या मेरा दोस्त भी अन्दर आ सकता है?"
"माफ़ कीजियेगा, सर, मगर जानवरों को यहाँ अनुमति नहीं है।"
आदमी पलटा और जिस रास्ते आया था, अपने कुत्ते के साथ उसी रास्ते चल पड़ा।
काफी दूर चलने के बाद वो एक और ऊँची पहाड़ी के पास पहुंचे वहाँ से एक कच्ची सड़क एक फार्म के बड़े दरवाज़े तक जा रही थी जो ऐसा जान पड़ता था मानो कभी बंद ही ना हुआ हो|
दरवाज़े के पास उसे एक आदमी दिखा जो एक पेड़ के सहार बैठ कर किताब पढ़ रहा था|
आदमी ने पाठक को आवाज़ लगाई, "माफ़ कीजियेगा! क्या पानी। मिलेगा?"
उस आदमी ने एक और इशारा किया जो बाहर से हमारे आदमी को नहीं दिखा कहाँ, पर उसने कहा, "हाँ, ज़रूर, वहाँ पंप लगा हआ है। अन्दर आ जाओ।"
आदमी ने अपने कुत्ते की और इशारा करते हुए पूछा, "मेरे दोस्त को भी इजाज़त है?"
"पंप की बगल में एक बर्तन होगा।" दोनों दरवाज़े से दाखिल हो कर अन्दर पहुंचे और वाकई वहाँ पर एक पुराना पंप और एक बर्तन था|
आदमी ने पाठक को आवाज़ लगाई, "माफ़ कीजियेगा! क्या पानी। मिलेगा?"
उस आदमी ने एक और इशारा किया जो बाहर से हमारे आदमी को नहीं दिखा कहाँ, पर उसने कहा, "हाँ, ज़रूर, वहाँ पंप लगा हआ है। अन्दर आ जाओ।"
आदमी ने अपने कुत्ते की और इशारा करते हुए पूछा, "मेरे दोस्त को भी इजाज़त है?"
"पंप की बगल में एक बर्तन होगा।" दोनों दरवाज़े से दाखिल हो कर अन्दर पहुंचे और वाकई वहाँ पर एक पुराना पंप और एक बर्तन था|
मुसाफिर ने बर्तन भर कर पानी पिया, फिर अपने कुत्ते को दिया।
जब दोनों की प्यास बुझ चुकी थी तो दोनों वापस दरवाज़े वाले आदमी के पास आ गए जो पेड़ के पास उनका इंतज़ार कर रहा था|
"ये क्या जगह है?" मुसाफिर ने पूछा जवाब आया, "ये स्वर्ग है।"
मुसाफिर ने कहा,"मैं कुछ हैरान हूँ। सड़क पर पहले भी एक मुसाफिर ने कहा, मुझे प्यास लगी थी जिसके लिए वहाँ वाले आदमी ने कहा वह स्वर्ग है।"
"ओह, आपका मतलब वो सीपियों वाला दरवाज़ा और सोने की सड़क? वो नर्क है।"
मुसाफिर ने कहा, "आपको गुस्सा नहीं आता कि वे आपके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे है?''
"नहीं, पर मैं समझ रहा हूँ आप क्या सोच रहे हैं, मगर हम बस खुश है कि वे हमारे लिए लोगो को छाट कर हमारा काम आसान कर देते हैं और ऐसे लोग हम तक नहीं आते जो अपने दोस्तों को पीछे छोड़ देते है ।"
Hindi Moral Stories with Pictures for Class 7 | तो हमारी website Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories तो यह थी ये दो कहानिया आशा करती हूँ आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।
"ये क्या जगह है?" मुसाफिर ने पूछा जवाब आया, "ये स्वर्ग है।"
मुसाफिर ने कहा,"मैं कुछ हैरान हूँ। सड़क पर पहले भी एक मुसाफिर ने कहा, मुझे प्यास लगी थी जिसके लिए वहाँ वाले आदमी ने कहा वह स्वर्ग है।"
"ओह, आपका मतलब वो सीपियों वाला दरवाज़ा और सोने की सड़क? वो नर्क है।"
मुसाफिर ने कहा, "आपको गुस्सा नहीं आता कि वे आपके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे है?''
"नहीं, पर मैं समझ रहा हूँ आप क्या सोच रहे हैं, मगर हम बस खुश है कि वे हमारे लिए लोगो को छाट कर हमारा काम आसान कर देते हैं और ऐसे लोग हम तक नहीं आते जो अपने दोस्तों को पीछे छोड़ देते है ।"
निष्कर्ष (Conclusion):
Hindi Moral Stories with Pictures for Class 7 | तो हमारी website Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories तो यह थी ये दो कहानिया आशा करती हूँ आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।



Amazing bro what a story
ReplyDeleteAmazing story!!! Keep writing!!!
ReplyDelete