TOP 3 Hindi Short Stories Read Online free
Hindi Short Stories for Class 8 | Homework
इंट्रोडक्शन: TOP 3 Hindi Short Stories for Class 8 | जय हिन्द भाईओ और बहनो। आज मैं तीन छोटी कहानियाँ लायी हूँ यह कहानियाँ मैंने कही पढ़ी थी जो कि मुझे याद नहीं हैं।
हलाकि जो कहानियाँ मैंने पढ़ी थी वो पूरी अलग थी मगर उन कहानियों का सीख यही था जो मैंने अपनी कहानियों मैं बताया है मुझे बस इतना ही याद आया तो मैंने अपने से कहानी बनाई और उसके सीख को अपने कहानी से जोड़ दिया जी हां मेहनत तो लगी आप अपने विचार कॉमेंट सेक्शन मैं लिखना ना भूले।
आशा करती हूँ आपको मेरी यह तीनो कहानियाँ पसंद आएँगी।
तीसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
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1. सलाकार
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कार का चालक, एक नौजवान बिल्कुल हाई फाई सूट में तैयार, गुची के जूते, रेबैन का धूप का चश्मा और वाई एस एल की टाई पहने, कार की खिड़की से झॉक के बोला,
" क्या होगा अगर मैं तुम्हे बिना गिने बता दू कि तुम्हारे पास कितनी भेड़ है, तो क्या तुम मुझे एक भेड़ दोगे सोच लो?" चरवाहे ने उसकी और आँखे छोटी कर के देखिऔर हल्का विचार किया और फिर अपनी भेड़ों की और कहा, "ज़रूर"|
नौजवान ने अपनी कार खड़ी करी, अपनी कॉपी निकाली और उसे अपने फ़ोन से जोड़ा, फिर उसने नासा का पेज निकाला इंटरनेट से जहाँ उसने जी पी एस सॅटॅलाइट सिस्टम से उस क्षेत्र को देखा, एक डेटाबेस खोला और एक्सेल की एक फाइल खोली जिसमे गणित के कठिन फोर्मुले थे| उसने अपने ब्लैकबेरी फ़ोन पर एक मेल भेजी और चंद मिनटों में ही उसे जवाब मिल गया| आखिरकार, उसने अपने हाई टेक छोटे प्रिंटर पर 150 पेज का प्रिंटआउट निकाला और कहा, "तुम्हारे पास 1586 भेड़े हैं।"
"बिलकुल सही। इसमें से एक भेड़ ले जाओ," चरवाहे ने कहा। उसके देखते-देखते उस नौजवान ने एक भेड़ चुनी और अपनी कार में रख ली।
फिर चरवाहे ने कहा: "अगर मैं बताऊँ कि तुम क्या काम करते हो, तो क्या मुझे मेरी भेड़ वापस दे दोगे?"
"हाँ, क्यों नहीं," नौजवान ने कहा।
"साफ़ है कि तुम एक कंसलटेंट हो," चरवाहे ने कहा।
"सही कहा, मगर तुम्हे कैसे पता चला?" नौजवान ने पूछा
"कृपया बुरा मत मानना लेकिन ऐसा है कि तुम बिन बुलाये यहाँ आ गए| तुम उस सवाल के जवाब के लिए पैसे चाहते हो जो मझे काफी पहले से ही पता है, और वो सवाल भी मैंने पूछा नहीं था और तुम मेरे काम के बारे में कुछ जानते नहीं हो।"
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गुस्से पर काबू
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एक बार एक लड़का था जो गुणी, कलाकार, दिखने में अच्छा और बहुत बुद्धिमान था| एक स्वाभाविक नेता| ऐसा कोई जिसे हर कोई अपनी टीम में चाहता था|
मगर वह बहुत स्वार्थी और गुस्सैल भी था| जब उसे गुस्सा आता, वह बहुत खराब चीजें बोलता और करता| इतना कि उसके आसपास कौन है इसका भी लिहाज़ नहीं रखता था| अपने दोस्तों का भी नहीं।
इसलिए उसके दोस्त भी कम थे| "मगर इसका अर्थ है कि वे मूर्ख हैं,"
वह खुद से कहता जैसे-जैसे वह बड़ा होने लगा उसके माता-पिता को उसके व्यवहार से चिंता होने लगी और वे सोच में पड़ गए कि क्या करें। आख़िरकार, उसके पिता को एक तरकीब सूझी| और उन्होंने अपने बेटे से एक सौदा किया|
उन्होंने उसे कीलों का एक थैला और एक बड़ा सा हथोड़ा दिया| उन्होंने कहा,
"मैं यह चाहता हूँ कि जब भी तुम्हे गुस्सा आए तो तुम उसे बाहर निकालो, सिर्फ गुस्से के समय यह करना है ज़यादा मुश्किल नहीं हैं तो कहा था मैं हां जब गुस्सा आए तो पीछे बाड़ के लकड़ी के फट्टे पर पूरी ताकत से एक कील गाड़ देना!"
वो मोटी लकड़ी के फट्टे मौसम की मार झेल-झेल कर लोहे से सख्त हो चुके थे, और हथोड़ा भारी था, इसलिए ये काम इतना आसान नहीं था जितना जान पड़ रहा था|
मगर फिर भी, एक दिन के अंत तक लड़के ने उसमे 37 कीलें गाड़ दी थीं (ये निश्चित ही एक गुस्सैल लड़का था!)। धीरे-धीरे, कुछ हफ्ते बीत जाने पर ये संख्या घट गई। उसे अपने गुस्से पर काबू आने लगा क्योंकि बाड़ में कील गड़ना मुश्किल काम था! फिर एक दिन आया जिस दिन लड़के ने एक बार भी गुस्सा नहीं किया|
उसने गर्व से जाकर अपने माता-पिता को ये बात बताई।
पिता ने कहा,
"तुम्हारी कामयाबी और जीत को छू लेने के कारण मैं तुम्हे एक और सुझाव और देते हु, खाओ मंजूर हैं ?''
बेटे ने कहा, जी बिलकुल !
पिता ने कहा की,
की जिस दिन तुम गुस्सा नहीं करोगेके उस दिन तुम एक कील निकल हो '' ।
कई हफ्ते बीत गए आखिरकार, एक दिन लड़के ने आकर गर्व से बताया कि अब फट्टे में एक भी कील बाकि नहीं है।
पिता ने उससे उनके साथ बाड़ देखने चलने को कहा। उन्होंने कहा,
" मुझे ख़ुशी हैं की तुम खुश हो तुमने बहुत अच्छा काम किया है मेरे बेटे| मगर सोचो और विचार करो की अब उन छेदों का क्या वो छेद देखो जो रह गए हैं। अब उनका हम चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते अब चाहे जो हो जाए, वो कभी पहले जैसी नहीं होगी|
गुस्से में कही और करी बातें भी ऐसे ही निशान छोड़ जाती हैं। दाग हमेशा रह जाता है| अब तुम कितनी भी दफा माफ़ी मांगो, कितने भी साल बीत जाएँ, दाग रह जाते हैं। और बातों की चोट भी हाथों की चोट जितना ही दर्द देती है।
लोग इस लकड़ी की की कील यानी की हमारे गुस्से से ज्यादा कीमती हैं। वो हमारी मुस्कान, हमारी कामयाबी का कारण बनते हैं। कुछ हमारे दोस्त बन कर हमारी खुशियों और दुःख में हमारे साथ होते हैं।
इसका अर्थ है हमे सबको प्यार और इज्जत से रखना चाहिए| हमे कम से कम दाग देने हैं।" कितना ज़रूरी सबक, है ना? और एक बात जो हम सबको बार बार याद रखनी चाहिए|
सबको कभी न कभी गुस्सा आता है। असली इम्तेहान वह है कि हम उसका क्या करते हैं।
अगर हम समझदार हैं तो हम अपना समय पुल बनाने में लगायेंगे ना कि बातें।
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बिस्किट चोर
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उसने वहाँ मौजूद किताबों की दूकान से एक किताब ली, बिस्किट का एक पैकेट लिया और अपने बैठने के लिए एक जगह तलाश कर के बैठ गई ।
वो अपनी किताब पढने में मदहोश थी कि उसने देखा कि उसके सामने बैठा आदमी, बड़ी बतमीज़ी से बीच में रखे पैकेट में से निकाल कर बिस्किट खा रहा था ।
शुरू में उसने नज़रंदाज़ करने की कोशिश की क्योंकि वह कोई तमाशा नहीं करना चाहती थी । तो वो बिस्किट खाती गई और घड़ी देखती गई, और वह बहादुर बिस्किट चोर उसके बिस्किट खाता गया ।
समय बीतते उसका संयम जवाब देने लगा, और उसने सोच , ' अगर मैं इतनी अच्छी नहीं होती तो अभी इसकी आँख फोड़ चुकी होती ।
ये एक बिस्किट लेती, तो वह भी एक लेता, जब तक की सिर्फ एक नहीं बच गया था । लड़की सोचने लगी कि देखें अब यह क्या करता है |
आदमी ने मुस्कुराकर, झेंपी हँसी के साथ वो आखरी बिस्किट उठाया और उसे आधा कर लिया । उसने आधा उस महिला को दिया और आधा खा लिया । महिला ने उससे अपना हिस्सा छीन कर लिया और सोचा ओह हो ।
कितना घमंडी और बतमीज़ आदमी है य, शुक्रिया भी नहीं कहा ! उसे याद नहीं आ रहा था कि आखरी बार उसे कब इतना गुस्सा आया था |
उसने चैन की सांस ली जब उसके विमान के लिए बुलावा बज उठा | उसने अपना समान उठाया और बिना उस आदमी की ओर देखे गेट की और चल पड़ी । वह विमान में चढ़ी और अपनी सीट पर बैठ गई ।
उसने अपनी किताब निकालने के लिए अपने बैग में हाथ डाला तो वह हैरान रह गई, वहाँ अन्दर उसके बिस्किट का थैला रखा था उसकी आँखों के सामने ।
अगर मेरे यहाँ हैं, तो वो उसके था, जो वो मुझसे बॉट रहा था, उसने मायूसी से सोचा माफी मांगने के लिए देर हो चुकी थी । उसने दुःख से सोचा कि असल में लालची और बतमीज़ चौर वह थी |
निष्कर्ष:
तो कैसी लगी आप लोगो यह TOP 3 Hindi Short Stories Read Online free छोटी प्रेणादायक कहानियाँ । तो जैसा की आप देख सकते है की कुछ छोटी से चीज़े मिलकर आपके माहोल को कैसे बदल सकती है और हम लोगो को एक सीख भी दे जाते है। कुछ असा हे हमारा जीवन भी होता है हमे बहुत कुछ सीखा देती है हमारी जिंदगी।
तो यह थी ये पांच हिंदी कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार हिंदी कविताएँ और हिंदी Stories पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कविताएं पढ़ने क लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद।
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