TOP 3 Inspirational Stories in Hindi with Moral
Inspirational stories in Hindi with moral | Best Kahaniya
Inspirational Stories in Hindi with Moral | जय हिन्द भाईओ और बहनो। आज मैं फिर से कई नई कहानी के साथ आयी हूँ यह कहानी लिखने क लिए मुझे बहुत जायदा समय तो नहीं लग गया पर हा मेहनत तो लगी आप अपने विचार कॉमेंट सेक्शन मैं लिखना ना भूले।
आज आप के लिए मैंने TOP 3 Inspirational Stories in Hindi with Moral लाई हूं।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
1. हर व्यक्ति अपनी चमक में चमकता है। (Every person shines in their brightness)
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| Inspirational Stories in Hindi with Moral |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक समुराई जो अपनी अच्छाई और ईमानदारी के लिए जाना था, एक जैन साधु के पास उनकी सलाह लेने गया। साधु ने जब अपनी प्रार्थना पूरी कर ली तब समुराई ने उनसे पूछा,
"मैं इतना हीन क्यों महसूस करता हूं? मैंने कई बार मौत का सामना किया है, कमज़ोरों की रक्षा की है। मगर फिर भी आपको साधना में देख कर मुझे लगा कि मैंने अपनी जिन्दगी में कुछ खास नहीं किया है।"
रुको| एक बार जो सब लोग मुझसे मिलने आए हैं, उन्हें देख लें, फिर मैं तुम्हारी बात का जवाब दूंगा" साधु ने कहा समुराई पूरे दिन मंदिर के उद्यान में बैठा रहा, लोगों को सलाह लेने आते-जाते देखते रहा|
उसने देखा कि साधु कैसे सब को उतने ही धीरज और वैसे ही उजली मुस्कान के साथ मिलते रहे। रात को, जब सब जा चुके थे, उसने कहा: क्या अब आप मुझे सिखा सकते हैं?"
मास्टर ने उसे अन्दर बुलाया और अपने कमरे में ले गुए आसमान में पूर्णिमा का चांद चमक रहा था, और सब ओर शान्ति का वातावरण था|
"वो चाँद देख रहे हो कितना सुन्दर है? वो पूरी परिक्रमा करेगा और कल सुबह सूरज एक बार फिर चमक उठेगा|
"मगर सूरज की रौशनी कहीं ज्यादा है, और उसमे हमे अपने आस पास के पेड़, पहाड़, बादल सब नज़र आ जाते हैं। मैंने दोनों को पिछले कितने ही सालों से देखा है और कभी चाँद को नहीं कहते सुना कि मैं सूरज की तरह क्यों नहीं चमकता? क्या मैं उससे हीन हूँ?"
"बिलकुल नहीं।" समुराई ने जवाब दिया। सूरज और चाँद दो अलग-अलग हैं, दोनों की अपनी खूबसूरती है।"
Moral:
तो तुम जवाब जानते हो। हम दोनों एक दुसरे से अलग हैं, दोनों अपने-अपने तरीके से अपने विचारों के लिए लड़ रहे हैं और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बाकि सब केवल मुखोटे हैं।
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक समुराई जो अपनी अच्छाई और ईमानदारी के लिए जाना था, एक जैन साधु के पास उनकी सलाह लेने गया। साधु ने जब अपनी प्रार्थना पूरी कर ली तब समुराई ने उनसे पूछा,
"मैं इतना हीन क्यों महसूस करता हूं? मैंने कई बार मौत का सामना किया है, कमज़ोरों की रक्षा की है। मगर फिर भी आपको साधना में देख कर मुझे लगा कि मैंने अपनी जिन्दगी में कुछ खास नहीं किया है।"
रुको| एक बार जो सब लोग मुझसे मिलने आए हैं, उन्हें देख लें, फिर मैं तुम्हारी बात का जवाब दूंगा" साधु ने कहा समुराई पूरे दिन मंदिर के उद्यान में बैठा रहा, लोगों को सलाह लेने आते-जाते देखते रहा|
उसने देखा कि साधु कैसे सब को उतने ही धीरज और वैसे ही उजली मुस्कान के साथ मिलते रहे। रात को, जब सब जा चुके थे, उसने कहा: क्या अब आप मुझे सिखा सकते हैं?"
मास्टर ने उसे अन्दर बुलाया और अपने कमरे में ले गुए आसमान में पूर्णिमा का चांद चमक रहा था, और सब ओर शान्ति का वातावरण था|
"वो चाँद देख रहे हो कितना सुन्दर है? वो पूरी परिक्रमा करेगा और कल सुबह सूरज एक बार फिर चमक उठेगा|
"मगर सूरज की रौशनी कहीं ज्यादा है, और उसमे हमे अपने आस पास के पेड़, पहाड़, बादल सब नज़र आ जाते हैं। मैंने दोनों को पिछले कितने ही सालों से देखा है और कभी चाँद को नहीं कहते सुना कि मैं सूरज की तरह क्यों नहीं चमकता? क्या मैं उससे हीन हूँ?"
"बिलकुल नहीं।" समुराई ने जवाब दिया। सूरज और चाँद दो अलग-अलग हैं, दोनों की अपनी खूबसूरती है।"
Moral:
तो तुम जवाब जानते हो। हम दोनों एक दुसरे से अलग हैं, दोनों अपने-अपने तरीके से अपने विचारों के लिए लड़ रहे हैं और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बाकि सब केवल मुखोटे हैं।
2. रोशनी घर को भर देती है! (Lights fill the home with joy)
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
भारत का एक अमीर व्यापारी अब बूढ़ा हो चला था और अपने काम से सेवानिवृत होना चाहता था । उसने अपने तीनों बेटों को बुलाया और कहा ,
" मैं अपना व्यापार तीन हिस्सों में बाँट कर तुम तीनों को नहीं देने वाला | मैं बस ये जानना चाहता हूँ कि तुम तीनों में से सबसे अच्छा व्यापारी कौन है ? मैं तुम तीनों का इम्तहान लूंगा | जो भी ये इम्तहान जीतेगा उसे सारा व्यापार दे दूंगा । "
व्यापारी ने तीनो बेटों को 25 रूपया दिए तीनों को इन पैसों से कोई ऐसी चीज़ खरीदनी थी जिससे एक, कमरा भर जाए | जो लड़का सबसे ज्यादा कमरा जीत जायेगा |
पहला लड़का गया और एक बड़ा पेड़ खरीद लाया | उसने उसे कटवाया और को आधा ही कमरा भर पाया । तब उसने दूसरा पेड़ काटा और बड़ा पत्तों से भरा पेड़ लाया और कमरे में घसीट लाया |
पर दूसरा बेटा गया और किसान जो कुनाई घास काट रहे थे वो सारी खरीद लाया | वो उसे कमरे में लाये और ज्यादातर कमरा भर गया ।
तीसरा बेटा सबसे बुद्धिमान था | वो एक छोटी सी दूकान पर गया और 10 रूपया की एक कैंडल खरीद लाया | शाम को, अँधेरा होने के बाद उसने अपने पिता को उस खाली बड़े कमरे में बुलाया | उसने कमरे के बीच में वो कैंडल फर्श पर रखी और जलाई ।
एक मिनट बाद उसने अपने पिता की तरफ देखा और कहा , " पिताजी , क्या आप इस कमरे का कोई भी कोना देख सकते हैं जहाँ इस छोटी सी कैंडल से रौशनी ना हो गई हो ? उस बेटे ने सारा व्यापार जीत लिया |
Moral:
१. रोशनी सिर्फ अंधेरे मैं ही रोशन हो पाती है।
२. बुद्धि का ऐसा उपयोग करे की सब आपकी मिसाल दे।
३. कभी भी अपनी कमियों या फिरआपके पास कम पैसे या चीज़ो को ना दोष दे।
पिल्ला। (Puppy)

Inspirational Stories in Hindi with Moral

| Inspirational Stories in Hindi with Moral |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक बच्चा जानवरों की दुकान पर एक पिल्ला लेने गया ।
वहां चार पिल्ले थे और हर कोई 150$ का था और एक और था जो कोने में बैठा हुआ था बच्चे ने पूछा कि क्या वो भी इनमे से एक है, और बेचने के लिए है और यह भी कि वो अकेले क्या बैठा हुआ है ।
दूकान के मालिक ने कहा कि वह उन्हीं में से एक है मगर वह विकलांग है और बिक्री के लिए नहीं है । बच्चे ने पूछा,
''क्यों ? उसे क्या हुआ है ?''
दुकानवाले ने बताया कि उसके पिछले एक पैर के जोड़ की हड्डी और पर नहीं है । बच्चे ने पूछा , " आप इसका क्या करेंगे । उसने कहा इसे मार दिया जाएगा ।
बच्चे ने पूछा, क्या मैं इसके साथ खेल सकता हूँ ।
दुकानवाले ने कहा, बच्चे ने तुरंत तय कर लिया कि उसे यह वाला पिल्ला ही चाहिए। दुकानवाने ने कहा , ' यह बिक्री के लिए नहीं है मगर बच्चे ने जिद की ।
दुकान मालिक मान गया बच्चे ने अपनी जेब से 52$ निकाले और दौडकर अपनी माँ से 198$ मांगने गया , जब वह दरवाजे तक पहुँचा दुकानवाले ने आवाज देकर कहा , " मुझे समझा नहीं आता तुम पूरे पैसे देकर इसे क्यों लेना चाहते हो जबकि इतने में तुम अच्छा पिल्ला भी ले जाने दे सकते हो ।
" लड़के ने कुछ नहीं कहा | उसने अपनी पैंट ऊपर उठाई । वह नकली पैर लगाए हुए थे । दूकान मालिक ने कहा , " मैं समझा गया । जाओ , इसे मुफ्त ले जाओ । "
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
Moral:
१. आप दुसरो का दर्द तब ही अच्छे तरीके से समाज पाते है जब आप भी उसे रस्ते से गुज़रे हो।
Conclusion:
तो कैसी लगी आप लोगो यह TOP 3 Inspirational Short Stories in Hindi with Moral छोटी प्रेणादायक कहानी।
तो जैसा की आप देख सकते है की कुछ छोटी से चीज़े मिलकर आपके माहोल को कैसे बदल सकती है और हम लोगो को एक सीख भी दे जाते है।
कुछ असा हे हमारा जीवन भी होता है हमे बहुत कुछ सीखा देती है हमारी जिंदगी। चालिये दोस्तों अब अगली कहानी की तैयारी करनी है।
तो यह थी ये तीन कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कहानी पढ़ने क लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद।


kitni mast story hai bhai loved it!
ReplyDeleteAmazing bro what a story
ReplyDeleteWow bhai nice story!!
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