TOP 3 New Hindi Motivational Stories | Best Kahaniya
New Hindi Motivational Short Stories in Hindi
हलाकि जो कहानियाँ मैंने पढ़ी थी वो पूरी अलग थी मगर उन कहानियों का सीख यही था जो मैंने अपनी कहानियों मैं बताया है मुझे बस इतना ही याद आया।
तो मैंने अपने से कहानी बनाई और उसके सीख को अपने कहानी से जोड़ दिया जी हां मेहनत तो लगी आप अपने विचार कॉमेंट सेक्शन मैं लिखना ना भूले।
आशा करती हूँ आपको मेरी यह तीनो कहानियाँ पसंद आएँगी।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक बार एक किसान था जिसे पता चला कि वह अपनी घड़ी कोठरी में गुमा चुका है । ये कोई आम घड़ी नहीं थी क्योंकि इस की उसके लिए भावनात्मक ख़ासियत थी |
आशा करती हूँ आपको मेरी यह तीनो कहानियाँ पसंद आएँगी।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।
1. खोई हुई घड़ी (Stolen Watch)
![]() |
| New Hindi Motivational Stories |
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
एक बार एक किसान था जिसे पता चला कि वह अपनी घड़ी कोठरी में गुमा चुका है । ये कोई आम घड़ी नहीं थी क्योंकि इस की उसके लिए भावनात्मक ख़ासियत थी |
बहुत खोजबीन के बाद भी घड़ी नहीं मिली; तो उसने हार मान ली और कोठरी के बाहर खेलते बच्चों की मदद लेने की सोची ।
उसने कहा कि जो भी घड़ी ढूंढ के देगा उसे ईनाम मिलेगा । यह सुनते ही बच्चों ने अन्दर दौड़ लगाई और सूखी घास की टेरियों के आस - पास सब जगह देखा मगर घड़ी कहीं नहीं मिली ।
उसने कहा कि जो भी घड़ी ढूंढ के देगा उसे ईनाम मिलेगा । यह सुनते ही बच्चों ने अन्दर दौड़ लगाई और सूखी घास की टेरियों के आस - पास सब जगह देखा मगर घड़ी कहीं नहीं मिली ।
बस जब किसान हार मान कर अपनी खोज बंद करने ही वाला था तो एक छोटा लड़का उसके पास आया और उससे एक और मौका देने को कहा। किसान ने उसकी ओर देखा और सोचा , " क्यों नहीं ? बच्चा नेक लगता है ।
किसान ने लड़के को फिर से कोठरी में जाने दिया । कुछ देर बाद बच्चा बाहर आया तो उसके हाथ में घड़ी थी । किसान खुश भी था और हैरान भी तो उसने उस बच्चे से पूछा कि जहाँ सब हार गए वहाँ वह कैसे जीत गया |
बच्चे ने कहा , " मैंने कुछ नहीं किया , बस फर्श पर बैठ कर ध्यान से सुना |
किसान ने लड़के को फिर से कोठरी में जाने दिया । कुछ देर बाद बच्चा बाहर आया तो उसके हाथ में घड़ी थी । किसान खुश भी था और हैरान भी तो उसने उस बच्चे से पूछा कि जहाँ सब हार गए वहाँ वह कैसे जीत गया |
बच्चे ने कहा , " मैंने कुछ नहीं किया , बस फर्श पर बैठ कर ध्यान से सुना |
उस ख़ामोशी में , मुझे घड़ी की आवाज़ आने लगी और मैंने उसी दिशा में जा कर उसे ढूंढ लिया | "
। एक शांत दिमाग एक चतुर दिमाग से ज्यादा सोच सकता है । अपने दिमाग को हर रोज़ कुछ पल की शान्ति जरुर दें , और देखें , वह किस तरह से आपकी ज़िन्दगी को उस दिशा में ले जाता है जहाँ आप चाहते हैं !
ये कहानी पुराने समय के एक कंजूस साहुकार की है जिसने एक व्यापारी को कुछ पैसे दिए थे |
। एक शांत दिमाग एक चतुर दिमाग से ज्यादा सोच सकता है । अपने दिमाग को हर रोज़ कुछ पल की शान्ति जरुर दें , और देखें , वह किस तरह से आपकी ज़िन्दगी को उस दिशा में ले जाता है जहाँ आप चाहते हैं !
2. हिम्मत (Courage)
ये कहानी पुराने समय के एक कंजूस साहुकार की है जिसने एक व्यापारी को कुछ पैसे दिए थे |
कुछ ना कुछ अड़चन आने की वजह से व्यापारी पैसे वापस नहीं दे पा रहा था |
व्यापारी की एक सुन्दर, जवान बेटी थी जिसपर साहुकार की नज़र थी |
व्यापारी की मदद करने का ढोंग करते हुए उसने कहा कि अगर वह अपनी बेटी का विवाह साहुकार से कर देगा।
तो वह उसका कर्जा माफ कर देगा नहीं तो वह उसका जीना मुश्किल कर देगा व्यापारी और उसकी बेटी दोनों असमंजस में थे कि क्या करें ।
साहुकार मदद करने का ढोंग कर रहा था ।
उसने कहा इसका फैसला किस्मत को करने देते हैं । उसने कहा कि, वह एक काला और एक सफ़ेद पत्थर एक खाली थैले में रखेगा |
उसने कहा इसका फैसला किस्मत को करने देते हैं । उसने कहा कि, वह एक काला और एक सफ़ेद पत्थर एक खाली थैले में रखेगा |
अगर लड़की काला पत्थर उठाएगी , तो उसे साहुकार से शादी करनी होगी और पिता का कर्ज माफ़ हो जाएगा |
मगर अगर उसने सफ़ेद पत्थर चुना, तो उसे साहुकार से शादी नहीं करनी पड़ेगी मगर उसके पिता का कर्ज तब भी माफ़ हो जाएगा ।
मगर अगर उसने सफ़ेद पत्थर चुना, तो उसे साहुकार से शादी नहीं करनी पड़ेगी मगर उसके पिता का कर्ज तब भी माफ़ हो जाएगा ।
लड़की केवल सुन्दर ही नहीं समझदार भी थी | वह अपने पिता को जेल जाते नहीं देखना चाहती थी , इसलिए उसने हाँ कह दिया ।
वह दिन भी आ गया जब सारा गाँव इकठ्ठा हुआ व्यापारी और उसकी बेटी की किस्मत का फैसला देखने के लिए वो नदी किनारे खड़े थे जहाँ पत्थर ही पत्थर थे ।
साहुकार ने झुक कर दो पत्थर उठाये चालाकी से उसने दो काले पत्थर उठा लिए जब किसी की नज़र उसपर नहीं थी | ताकि वह लड़की से शादी कर सके ।
साहुकार ने झुक कर दो पत्थर उठाये चालाकी से उसने दो काले पत्थर उठा लिए जब किसी की नज़र उसपर नहीं थी | ताकि वह लड़की से शादी कर सके ।
मगर लड़की तेज़ थी | वह देख रही थी । तब लड़की से एक पत्थर उठाने को कहा गया जिसपर उसके पिता की किस्मत टिकी हुई थी ।
उसने थैले में हाथ डाला और एक पत्थर निकाला जबकि वह भलीभांति जानती थी कि दोनों पत्थर काले हैं ।
सिर्फ उसी ने देखा था कि साहुकार ने क्या किया है । जैसे ही उसने थैले से अपना हाथ बाहर निकाला, बिना पत्थर देखे उसने अपना संतुलन खोने का नाटक किया और गिर गई ।
साथ ही पत्थर भी गिरा दिया पत्थर अन्य पत्थरों के साथ मिल गया और वो बेहोश होने का नाटक कर रही थी।
सिर्फ उसी ने देखा था कि साहुकार ने क्या किया है । जैसे ही उसने थैले से अपना हाथ बाहर निकाला, बिना पत्थर देखे उसने अपना संतुलन खोने का नाटक किया और गिर गई ।
साथ ही पत्थर भी गिरा दिया पत्थर अन्य पत्थरों के साथ मिल गया और वो बेहोश होने का नाटक कर रही थी।
और साहुकार देख नहीं पाया कि वो किस रंग का था |
उठ कर उसने माफ़ी माँगी और कहा, " देखते हैं थैले में किस रंग का पत्थर बच गया है ।
उससे हमे पता चल जायेगा मैंने कौन से रंग का पत्थर उठाया था येले का पत्थर तो निश्चित ही काला था , तो यह माना गया कि उसने सफेद पत्थर उठाया था ।
सारे गाँव के सामने साहुकार में हिम्मत नहीं थी कि वह अपनी चोरी मान ले | उसे अपनी बात रखनी पड़ी और दोनों पिता और बेटी आजाद हो गए । लड़की ने जो किया वह अपना सम्मान रखने के लिए किया।
तो कैसी लगी आप लोगो TOP 3 New Hindi Motivational Stories यह छोटी प्रेणादायक कहानियाँ ।
उससे हमे पता चल जायेगा मैंने कौन से रंग का पत्थर उठाया था येले का पत्थर तो निश्चित ही काला था , तो यह माना गया कि उसने सफेद पत्थर उठाया था ।
सारे गाँव के सामने साहुकार में हिम्मत नहीं थी कि वह अपनी चोरी मान ले | उसे अपनी बात रखनी पड़ी और दोनों पिता और बेटी आजाद हो गए । लड़की ने जो किया वह अपना सम्मान रखने के लिए किया।
3. शांत समय (Quiet Time)
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
दिन भर मैं बहुत व्यस्त रहा था; कचरा उठा, बाथरूम की सफाई और फर्श स्क्रबिंग ।
मेरे बड़े बेटे सुशियम घर आ रहा था। मैं उसके आने की तैयारी कर रहा था दुकानों पर जा कर समान की खरीदारी के लिए गया था और एक जगह बैठ गए।
और हरियाली का आंदन लेने लगा, देखते ही देखते काफी समय बीत गया और मुझे पता भी नहीं चला ।
अचानक, मुझे थोड़ी सी थकान मेहसूस होने लगी। मैं वहीं नदी के किनारे थोड़े समय तक सोचता रहा की जब मैं छोटा था तब में कितना व्यस्त और खुश रहता था ।
अपने माता पिता के साथ आज वो इस दुनिया में नहीं हैं बड़ा अकेला सा लगता है।
"आज कितने दिनों बाद मुझे इतना वक्त मिला अकेले रेहेन के लिए आराम करने के लिए मिला है, हा हा मुझे याद आया जब मैं छोटा था।
तब अपने पिता से कहा संगीत सीखने की इच्छा प्रकट की लेकिन मेरा सपना पूरा नहीं हुआ कितना दुर्भाग्य शाली हूं मैं, ना तो मेरे जीवन कोई मज़ा है, ना सुख है ,मेरे जीवन में बिल्कुल भी शांति नहीं है।
"शांत समय कहां है?"
मैंने भगवान से पूछा। मेरा हाथ ऊपर फेहरा कर पूछा। कोई दर्द नहीं था, केवल एक हर हैं जो कि मुझे अभी तक बांधी रखी है ।
मेरे ज़िन्दगी मैं शांति यह असंभव है, मैंने सोचा । मेने भगवन से फिर पूछा की आप ने मेरे लिए ऐसी ज़िन्दगी क्यू चुनी?
अचानक उसकी नज़र एक बंजारे पर पढ़ी उसने देखा की उसके कपडे फाटे हुए हैं, काफी थका-थका सा भी है।
वह बंजारा आ कर उसके थोड़े दूरी पर बैठ गया और अपनी जेब मैं से एक सूखी रोटी निकली और कहा, ''ऊपर वाले तेरी रेहमत जो आज खाना नसीब हुआ''
यह देख कर वो इंसान जो भगवन से शिकायत कर रहा था उसे समाज आ गया की भगवन ने उसे समझने के लिए ही इस बंजारे को यहाँ भेजा हैं।
फिर वो याद करने लगा उसके पास क्या क्या है वहां बहुत ज्यादा सोच में पढ़ गया उसने सोचा मेरे पास एक अच्छा घर हैं, खुद की खेती है, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे जो मेरी ज़िन्दगी मैं रंग भर देते हैं।
उसने भगवन से मन ही मन शमा मांगी और उस बंजारे को धन्यवाद कहा। हलाकि बंजारे को नहीं समाज मैं आया की वो उसे धन्यवाद क्यों कह रहा हैं।
फिर उसने संकल्प किया की, ''मैं संगीत के रूप में मैं अपने शांत समय को शुरू करूंगा और फिर भगवान मैं ध्यान लगाऊंगा ।''
लेकिन फिर अगले ही पल उसने पेड़ पर बैठी गौरैया पर नजर गई।
जो कि छेहक रही थी उसने सोचा वह भगवान सोचते देरी नहीं अपने प्रबंध कर दिया मेरी जिंदगी को हल्का करने के लिए गौरैया भेजी।
भगवन ने हलकी हलकी कोमल हवा भेजी ताकि उसका ध्यान मैं मन लगा रहा ।
उसने मेरे दिल को मुझे जीवन की याद दिलाने के लिए स्पंदन का कारण बना ।
जब मैं अपने आशीर्वाद को गिनने की कोशिश कर रहा था, तब परमेश्वर उन्हें गुणा करने में व्यस्त था।
मैं घर गया और अपने बड़े बेटे का स्वागत किया जो की शहर से काम कर काफी दिनों बाद आया था।
और अपने परिवार मैं छोटी चीज़ो मैं बड़ी खुशियाँ ढूंढ़ने लगा। और संगीत के माध्यम से भगवन मैं ध्यान लगता रहा।
चित्र स्तोत्र: Shutterstock
दिन भर मैं बहुत व्यस्त रहा था; कचरा उठा, बाथरूम की सफाई और फर्श स्क्रबिंग ।
मेरे बड़े बेटे सुशियम घर आ रहा था। मैं उसके आने की तैयारी कर रहा था दुकानों पर जा कर समान की खरीदारी के लिए गया था और एक जगह बैठ गए।
और हरियाली का आंदन लेने लगा, देखते ही देखते काफी समय बीत गया और मुझे पता भी नहीं चला ।
अचानक, मुझे थोड़ी सी थकान मेहसूस होने लगी। मैं वहीं नदी के किनारे थोड़े समय तक सोचता रहा की जब मैं छोटा था तब में कितना व्यस्त और खुश रहता था ।
अपने माता पिता के साथ आज वो इस दुनिया में नहीं हैं बड़ा अकेला सा लगता है।
"आज कितने दिनों बाद मुझे इतना वक्त मिला अकेले रेहेन के लिए आराम करने के लिए मिला है, हा हा मुझे याद आया जब मैं छोटा था।
तब अपने पिता से कहा संगीत सीखने की इच्छा प्रकट की लेकिन मेरा सपना पूरा नहीं हुआ कितना दुर्भाग्य शाली हूं मैं, ना तो मेरे जीवन कोई मज़ा है, ना सुख है ,मेरे जीवन में बिल्कुल भी शांति नहीं है।
"शांत समय कहां है?"
मैंने भगवान से पूछा। मेरा हाथ ऊपर फेहरा कर पूछा। कोई दर्द नहीं था, केवल एक हर हैं जो कि मुझे अभी तक बांधी रखी है ।
मेरे ज़िन्दगी मैं शांति यह असंभव है, मैंने सोचा । मेने भगवन से फिर पूछा की आप ने मेरे लिए ऐसी ज़िन्दगी क्यू चुनी?
वह बंजारा आ कर उसके थोड़े दूरी पर बैठ गया और अपनी जेब मैं से एक सूखी रोटी निकली और कहा, ''ऊपर वाले तेरी रेहमत जो आज खाना नसीब हुआ''
यह देख कर वो इंसान जो भगवन से शिकायत कर रहा था उसे समाज आ गया की भगवन ने उसे समझने के लिए ही इस बंजारे को यहाँ भेजा हैं।
फिर वो याद करने लगा उसके पास क्या क्या है वहां बहुत ज्यादा सोच में पढ़ गया उसने सोचा मेरे पास एक अच्छा घर हैं, खुद की खेती है, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे जो मेरी ज़िन्दगी मैं रंग भर देते हैं।
यह देख कर वो इंसान जो भगवन से शिकायत कर रहा था उसे समाज आ गया की भगवन ने उसे समझने के लिए ही इस बंजारे को यहाँ भेजा हैं।
फिर वो याद करने लगा उसके पास क्या क्या है वहां बहुत ज्यादा सोच में पढ़ गया उसने सोचा मेरे पास एक अच्छा घर हैं, खुद की खेती है, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे जो मेरी ज़िन्दगी मैं रंग भर देते हैं।
उसने भगवन से मन ही मन शमा मांगी और उस बंजारे को धन्यवाद कहा। हलाकि बंजारे को नहीं समाज मैं आया की वो उसे धन्यवाद क्यों कह रहा हैं।
फिर उसने संकल्प किया की, ''मैं संगीत के रूप में मैं अपने शांत समय को शुरू करूंगा और फिर भगवान मैं ध्यान लगाऊंगा ।''
फिर उसने संकल्प किया की, ''मैं संगीत के रूप में मैं अपने शांत समय को शुरू करूंगा और फिर भगवान मैं ध्यान लगाऊंगा ।''
लेकिन फिर अगले ही पल उसने पेड़ पर बैठी गौरैया पर नजर गई।
जो कि छेहक रही थी उसने सोचा वह भगवान सोचते देरी नहीं अपने प्रबंध कर दिया मेरी जिंदगी को हल्का करने के लिए गौरैया भेजी।
भगवन ने हलकी हलकी कोमल हवा भेजी ताकि उसका ध्यान मैं मन लगा रहा ।
उसने मेरे दिल को मुझे जीवन की याद दिलाने के लिए स्पंदन का कारण बना ।
जब मैं अपने आशीर्वाद को गिनने की कोशिश कर रहा था, तब परमेश्वर उन्हें गुणा करने में व्यस्त था।
मैं घर गया और अपने बड़े बेटे का स्वागत किया जो की शहर से काम कर काफी दिनों बाद आया था।
मैं घर गया और अपने बड़े बेटे का स्वागत किया जो की शहर से काम कर काफी दिनों बाद आया था।
और अपने परिवार मैं छोटी चीज़ो मैं बड़ी खुशियाँ ढूंढ़ने लगा। और संगीत के माध्यम से भगवन मैं ध्यान लगता रहा।
Moral:
मुझे एहसास है कि भगवान के साथ मेरे शांत समय के "रुकावट" विशेष आशीर्वाद वह मुझे दिखाने के लिए भेजा था कि वह मेरे साथ पूरे समय था ।
मुझे एहसास है कि भगवान के साथ मेरे शांत समय के "रुकावट" विशेष आशीर्वाद वह मुझे दिखाने के लिए भेजा था कि वह मेरे साथ पूरे समय था ।
Conclusion:
तो कैसी लगी आप लोगो TOP 3 New Hindi Motivational Stories यह छोटी प्रेणादायक कहानियाँ ।
तो जैसा की आप देख सकते है की कुछ छोटी से चीज़े मिलकर आपके माहोल को कैसे बदल सकती है और हम लोगो को एक सीख भी दे जाते है।
कुछ असा हे हमारा जीवन भी होता है हमे बहुत कुछ सीखा देती है हमारी जिंदगी।
तो यह थी ये पांच हिंदी कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार हिंदी कविताएँ और हिंदी Stories पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कविताएं पढ़ने क लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद।
तो यह थी ये पांच हिंदी कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार हिंदी कविताएँ और हिंदी Stories पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कविताएं पढ़ने क लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद।



Amazing bro what a story
ReplyDeleteWow bohot mast story hai love it👍😃
ReplyDeleteLive it bhai lage raho!!!!
ReplyDeleteNice stories
ReplyDelete